Internet Companies का समिति की सिफारिशों पर आपत्ति जताना विचित्र: सुप्रीम कोर्ट

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Internet Companies के कुछ हिस्सों को  सार्वजनिक करने पर आपत्ति जताई है I

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यह ‘बेहद विचित्र’ है? कि कुछ बड़ी Internet Companies उस समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने पर आपत्ति जता रही हैं? जिसका गठन सोशल साइटों पर यौन अपराधों के वीडियो को ब्लॉक करने के लिये तकनीकी समाधान तलाशने के लिये किया गया था? शीर्ष अदालत ने कहा कि सिफारिशों में कुछ भी गोपनीय नहीं है? क्योंकि गूगल, याहू, फेसबुक और व्हाट्स ऐप जैसी बड़ी कंपनियों ने बैठक में हिस्सा लिया था? और मुद्दे पर चर्चा की थी.

न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति यू यू ललित की पीठ ने कहा, ‘यह बेहद विचित्र है? एक चर्चा यह है कि गृह मंत्रालय ने विशेषज्ञ समूह बनाया जिसने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर सिफारिशें दी थीं? आप इसपर आपत्ति जता रहे हैं. यह आश्चर्यजनक है? ‘ पीठ ने कहा, ‘चर्चा के दौरान 17 लोग थे. इसलिये इसमें कुछ भी गोपनीय नहीं है? ‘ पीठ को शीर्ष अदालत द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष ने सूचित किया? कि इंटरनेट कंपनियों ने रिपोर्ट के कुछ हिस्सों को सार्वजनिक करने पर आपत्ति जताई है? पीठ ने इसके बाद इन कंपनियों की ओर से उपस्थित वकीलों से उनकी आपत्तियों के पीछे के कारण को जानना चाहा.
व्हाट्स ऐप की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ से कहा कि सुनवाई बंद कमरे में होनी चाहिए? और वे अदालत को उनके द्वारा उठाए गए सवालों के संबंध में संतुष्ट करेंगे.
सिब्बल और अन्य कंपनियों की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ताओं ए एम सिंघवी और सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि? उन्हें रिपोर्ट की प्रति दी जानी चाहिए? पीठ ने कहा कि मामले में बंद कमरे में सुनवाई होगी? और पक्षकारों के एडवोकेट ऑन—रिकॉर्ड से उन लोगों की सूची देने को कहा जो सुनवाई में हिस्सा लेंगे? अदालत ने इन कंपनियों को हलफनामा दायर कर आपत्ति के कारणों को बताने को कहा.

इन कंपनियों ने हलफनामा दायर करने के लिये समय मांगा? हलफनामा में वे देशभर से बाल पोर्नोग्राफी, बलात्कार और सामूहिक बलात्कार से संबंधित आपत्तिजनक सामग्रियों के बारे में 2016 से इस साल 31 अगस्त तक मिली शिकायतों और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा देंगे? पीठ ने उनसे दो सप्ताह में हलफनामा दायर करने को कहा और मामले की अगली सुनवाई की तारीख 23 अक्तूबर को निर्धारित कर दी?